श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 17 की सघन समीक्षा: श्रीमती पद्मा शुक्ला

मनुष्य की श्रद्धा उसके स्वभाव और गुणों के अनुसार वही उसके जीवन की दिशा तय करती है राजसिक बंधन की ओर और तामसिक पतन की ओर। भोजन, यज्ञ, तप और…

Comments Off on श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 17 की सघन समीक्षा: श्रीमती पद्मा शुक्ला