श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 6 की सघन समीक्षा: श्रीमती पद्मा शुक्ला

आसन या तपस्या नहीं, बल्कि आत्मसंयम, समभाव और परमात्मा में ध्यान ही सच्चा योग योगी की स्थिति: इन्द्रियों पर विजय प्राप्त करना। सुख-दुःख, मान-अपमान, मित्र-शत्रु में समभाव रखना। मिट्टी, पत्थर…

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श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 5 की सघन समीक्षा: श्रीमती पद्मा शुक्ला

कर्म का त्याग नहीं, बल्कि कर्म में योग ही मुक्ति का मार्ग है।  निष्काम भाव से कर्म करना ही श्रेष्ठ कर्म और संन्यास का तुलनात्मक विवेचन निष्काम कर्म का महत्व:…

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