*अभियान*

A platform of Open Education, Employment Generation, Entrepreneur Development, Self-Employment and Social Activity System

*(रोजगार के नए-नए अवसर तलाशना तथा गुणवत्ता पूर्वक स्थापित कराना)*

जैसा की सर्वविदित है, की करोना महामारी ने पूरे संसार को अपने गिरफ्त में ले रखा है । अपने देश से करोना को हटाने के लिए पूरा देश एकजुट होकर संघर्ष कर रहा है। आर्थिक संकट और बेरोजगारी की एक गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। देश-विदेश से  विभिन्न सेवाओं के उच्च योग्य तकनीशियन, कुशल श्रमिक अपने-अपने घरों (गांव) की तरफ नौकरी छुटने पर या छोड़ कर भाग रहे हैं।

उनके साथ मिलकर आत्मनिर्भर भारत बनाने की पहल करनी होगी,  (स्वदेशी वस्तुओं में आधुनिकता के साथ-साथ गुणवत्ता लाना होगा, स्वदेशी अपनाना होगा, विदेशी (चाइनीज) वस्तुओं का बहिष्कार करना होगा) जिन वस्तुओं का आयात करना आवश्यक है, उनमें भी अति शीघ्र अपने यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलप करके आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा।

बदलते हुए समीकरण के साथ हमें भी अपने कार्य प्रणाली में तेजी से बदलाव लाना होगा, हमें वर्क फ्रॉम होम का कल्चर अपनाना होगा।

Relook the past heritage with a modern outlook.

फिर से विचार करें पिछली विरासत को, एक आधुनिक दृष्टिकोण के साथ।

*हमारी विशेषज्ञ टीम हमेशा रोजगार के नए और आधुनिक अवसर बढ़ाने के लिए, विभिन्न उत्पादों के विकास और इसकी विपणन रणनीति के अवसरों की तलाश करती रहती है। Our expert team is always looking for opportunities for development of various products and its marketing strategy to increase new and modern employment opportunities.

हमारी सभी परियोजनाएं बिना पैसा लगाए या छोटे निवेश के साथ उच्च आय उत्पन्न करती हैं। All our projects generate high income with no investment or little investment. 

Projects:  https://jjss.co.in/jjss/4/

*आज के समय में कोई भी व्यवसाय कहीं पर भी किया जा सकता है, और उसकी मानिटरिंग नेटवर्किंग के थ्रू कहीं से भी की जा सकती है। ऐसी कार्यप्रणाली बनानी होगी जिससे लोगों को रोजगार अपने घर परिवार के साथ रहते हुए आपसी सहयोग किया जा सके, और जिला स्तर पर ऑनलाइन डिसटीब्यूशन और सेल किया जा सके।*

हमें अपने कार्य की दिशा बदलनी होगी शहरों से माल बनकर गांव में न जाए, बल्कि गांव और छोटी जगहों से माल बनकर शहरों में बिके। आपसी सहयोग से यह सब काम खेल खेल में (फ्री में या बहुत कम पैसा लगाकर) बहुत आसानी से हो सकता है। इस तरह  गांव से शहरों की तरफ जो पलायन है रुक जाएगा। बड़े शहरों में रहने और पर्यावरण की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।  कार्य प्रणाली विकसित करने में हमारे साथ बहुत से सहयोगी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।    Working Strategy: (कार्य रणनीति): 

इस तेजी से बदलते हुए परिवेश में काम करने के लिए हमने सबके सलाह से एक कार्यप्रणाली विकसित की है।

एक आदमी अकेले कुछ नहीं कर सकता, परंतु एक बडे समहू मे कोई काम ऐसा नहीं है, जो नहीं किया जा सकता है।

याद रखिए अगर आप किसी को रोशनी दिखाने के लिए दीपक जलाएंगे, तो उजाला आपके सामने भी होगा।

 There is no option to register on-site, except register user may invite or add friends through the given link. (jjss.co.in/join/?spn=uderID)  may check their profile through the link (jjss.co.in/userID)  

साइट पर पंजीकरण करने का कोई विकल्प नहीं है, सिवाय इसके कि उपयोगकर्ता पंजीकृत उपयोगकर्ता को दिए गए लिंक के माध्यम से आमंत्रित या जोड़ सकते हैं। (jjss.co.in/join/?spn=uderID) लिंक (jjss.co.in/userID) के माध्यम से अपनी प्रोफ़ाइल की जाँच कर सकते हैं

For example my link: https://jjss.co.in/join/spn=9236911297

पंजीकरण के बाद, एक पंजीकृत उपयोगकर्ता अपने दोस्तों को आमंत्रित करने के लिए दिए गए लिंक में अपना यूजर आईडी या मोबाइल नंबर बदल सकता है। इस तरह जो भी पंजीकरण होगा पंजीकृत व्यक्ति लिंक भेजने वाले की डायरेक्टरी में  स्वतः चला जाएगा।

इस तरह लगभग सेम प्रोफेशन (एक ही पेशा) के अपने जानने वाले लोगों की लोगों की सशक्त टीम तैयार हो जाएगी। इस तरह आपके जानने वालों का आपसे भावात्मक संबंध होने कारण आपके कार्यक्षेत्र में (वर्किंग टीम या सपोर्टिंग टीम के रूप में )  निरंतर सहयोग मिलता रहेगा । एक व्यक्ति उत्पादन एक चीज का करता है परंतु उपभोग हजारों चीजों का करता है।

Teamwork with the working committee: https://jjss.co.in/jjss/3 

(एक ऐसा समूह जो आपके द्वारा आपके जानने वालों का होगा, या यूं कहें कहले कि समूह का प्रत्येक व्यक्ति एक दूसरे को जानता होगा,)

एक वर्किंग कमेटी को दो भागों में बांटा जा सकता है। (छोटी या बड़ी किसी परियोजना को शुरू करने के लिए )

वर्किंग टीम: वर्किंग कमेटी से, जो व्यक्ति (व्यक्तियों) के साथ परियोजना शुरू करेगा। (कार्यस्थल पर रहकर पूर्णता को अंजाम देना होगा, जो व्यक्ति अपनी टीम द्वारा काम की पूर्णता को की जिम्मेदारी लेगा वही प्रशासक होगा) 

सपोर्टिंग टीम: वर्किंग कमेटी के बाकी बचे सभी लोग। यह कार्य कहीं से भी किया जा सकता है (ऑनलाइन  किया जा सकता है) (सुझाव, सहायता, टेक्निकल सपोर्ट आदि) कार्यस्थल पर रहने की बाध्यता नहीं होगी।

किसी भी वर्किंग कमेटी में, बिना वर्किंग टीम के सपोर्टिंग टीम की कोई अस्तित्व (उपयोगिता) नहीं है।

हमारे इस प्लेटफार्म पर कहीं भी पैसे का कोई भी रोल (लेन-देन) नहीं है।

परंतु बिना पैसे के कोई भी कार्य नहीं किया जा सकता है उसके लिए हमने सभी अधिकार वर्किंग कमेटी को दे रखा है, इस संसार में कोई भी पूर्ण नहीं है किसी के पास ज्ञान. किसी के पास पैसा, किसी के पास अनुभव और किसी के पास कार्य करने और करवाने की क्षमता है यदि कोई कार्य करने के लिए कोई बड़ा ग्रुप बनाया जाए (यदि उसमें पारदर्शिता, एक दूसरे के सहयोग और समर्पण की भावना हो) तो उसमें किसी भी चीज की कमी नहीं रहेगी। 

इस संसार में समस्त का कार्य मनुष्यों के द्वारा मनुष्यों के लिए किया जाता है । प्रजा के बिना राजाराजा के बिना प्रजा,श्रोता के बिना वक्ता, वक्ता के बिना श्रोता, छात्रों के बिना अध्यापक, अध्यापक के बिना छात्र, विक्रेता के बिना क्रेता, क्रेता के बिना विक्रेता, ग्राहक के बिना निर्माता, निर्माता के बिना ग्राहक का कोई महत्व नहीं है । अतः इस संसार में सबको सब की जरूरत है ।

यदि कोई व्यक्ति आपके ग्रुप में (आपके कार्य के लिए) ₹100 भी सहयोग के रूप में आपको देगा तो आपके द्वारा उत्पादित प्रोडक्ट भी खरीदने में उसकी उत्सुकता हमेशा बनी रहेगी । इस तरह आपके सहयोग के साथ साथ आपकी मार्केट स्वत: तैयार हो जाएगी। इस तरह यदि संस्था के सभी सदस्यों से आपको आशीर्वाद स्वरुप औसतन ₹100 भी मिले तो आपके धन और मार्केट दोनों की समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। इस तरह एक-एक करके सभी को व्यवस्थित किया जा सकता है।

सेवा और सहयोग की भावना की भावना हमारे पूर्वजों द्वारा हमें विरासत में मिली हुई है। हमारे यहां (हमारे देश में) सहयोग और आस्था स्वरूप, लगभग सभी लोग लोग,  देवालय में, धर्मशाला बनवाने में, शादी -ब्याह और बहुत से सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर एक दूसरे का सहयोग करते हैं, (कुछ लोग अपने आय कुछ परसेंटेज दान करते हैं, कुछ लोग दिए हुए धन पर ब्याज नहीं लेते इत्यादि) यही नहीं बल्कि प्रकृति के साथ भी मिलजुल कर रहने की शिक्षा मिली हुई है, गाय और कुत्ते को रोटी खिलाना पेड़ों में जल देना इत्यादि।

शादी- ब्याह में निमंत्रण मिलने पर कुछ सहयोग/ आशीर्वाद सहित (कपड़ा, धन, गाना इत्यादि) अपने सामर्थ्य के अनुसार देने की परंपरा है, (गरीब परिवार जो पैसे से सहयोग नहीं कर सकता है, वह कोई दूध भिजवा देता है, कोई दही भिजवा देता है, कोई खेत में जो सब्जी लगी है वह भिजवा देता है, कोई अनाज भिजवा देता है) आमंत्रित सभी लोगों से थोड़ा थोड़ा सहयोग मिलने पर, शादी चाहे गरीब के बच्चे की हो या अमीर की सफलतापूर्वक (अच्छी तरह से) संपन्न हो जाता है। सहयोगी व्यक्ति के यहां जब कोई कार्यक्रम होता है तो सभी लोग और बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं (पाए हुए सहयोग की वापसी, किसी न किसी रूप में करते हैं।)

इसी तरह सहयोग की परंपरा छोटे-छोटे कुटीर उद्योगों बंद होने से बचाने के लिए करनी पड़ेगी।

एक बेरोजगार व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़ा करने की सहयोग की भावना जागृत करनी पड़ेगी। (सहयोग पैसे-रुपए से, ज्ञान से, अनुभव से, श्रमदान या उसके उसके द्वारा तैयार प्रोडक्ट को खरीद कर किया जा सकता है,या सहयोग की भावना रखने वाले अपने मित्रों सीनियर्स को संस्था से जोड़कर ) यह उत्पाद हमारे गांव का है, हमारे देश का है, हमारे सहयोग से बना है,  इस तरह का भावनात्मक संबंध उत्पन्न करने की आवश्यकता है, और यही हमारा प्रयास है।

आपका इस दिशा में एक छोटा सा सहयोग उद्योग जगत में एक बहुत बड़ी क्रांति ला सकता है

एक नया युवक जब पढ़ लिख कर नौकरी ना मिलने पर किसी उद्योग लगाने यह स्वरोजगार की तरफ आगे बढ़ता है, तो उसके पास  सिर्फ ज्ञान होता है (पैसा, अनुभव और कार्य करने और करवाने की क्षमता, और बहुत सी चीजों के प्रबंधन के लिए सालों संघर्ष करता है और तनाव में रहता है ), और मुश्किलों और संघर्ष के जब थपेड़े पढ़ते हैं जो ज्ञान कोसों दूर छूट जाता है। उसके बाद भी सफलता हाथ लगेगी या नहीं या कुछ नहीं कहा जा सकता। इस तरह छोटी-छोटी इंडस्ट्रीज बंद होना, छोटी-छोटी चीजों का आयात करना हमारे देश के लिए बहुत चिंता का विषय है।

प्लांट लगाने के बाद सबसे बड़ी समस्या उसके प्रोडक्ट को मार्केट, में ब्रांडेड कंपनियों के साथ (बेचना) स्थापित करना। The biggest problem after setting up the plant is to market (sell) its product with branded companies in the market.

हम बेहतर प्रदर्शन के लिए,( जिम्मेदारी देने से पहले) आवश्यकता पड़ने पर “कार्य समिति” के सदस्यों को उचित प्रशिक्षण देंगे, ताकि वैश्विक बाजार   की प्रतिस्पर्धा में अपने उत्पाद को उच्च स्थान दिला सके।

शिक्षा, रोजगार सृजन, उद्यमी विकास, स्वरोजगार और सामाजिक गतिविधि प्रणाली  आदि के लिए यदि कोई व्यक्ति (वर्किंग कमेटी के रूप में) आता है   तो  उस (कार्य से संबंधित) सभी तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण सहायता, वित्तीय सहायता और विपणन सहायता प्रदान करने का प्रयास करेगा।

हमारे संस्था का या प्रयास रहेगा की वर्किंग कमेटी अपने कार्यों के उच्च स्थान दिलाने के अतिरिक्त और किसी भी तनाव या प्रबंधन का सामना न करना पड़े हम सभी मिलकर हर तरह से सहयोग करेंगे। 

(एक अकेला थक जाएगा, मिलकर हाथ बढ़ाना।)

इन समस्त बातों का ध्यान देते हुए, जन जागृत सेवा समिति में होने वाले समस्त कार्य इन “वर्किंग कमेटी” माध्यम से निम्न तरीके से होगा ही होगा।

  • विभिन्न कार्यों के लिए विभिन्न एक्सपर्ट टीम बनाना।
  • विभिन्न वर्किंग कमेटी को उनके कार्य के अनुसार एक्सपर्ट टीम से सहायता और मार्गदर्शन दिलाना।
  • आवश्यकता पड़ने पर “कार्य समिति” के सदस्यों को उचित प्रशिक्षण दिलाना।
  • कार्य के लिए उचित फंड (सरकारी गैर सरकारी) इकट्ठा करने की रूपरेखा तैयार करना।
  • फंड दिलवाकर समयबद्ध तरीके से कार्य का क्रियान्वयन करवाना। 
  • उत्पाद को उचित मूल्य पर वितरण की व्यवस्था बनाना।             

यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आपके पास क्या है और क्या नहीं है। बल्कि महत्वपूर्ण यह है, कि आपके पास जो है, उसका उपयोग कहां और कैसे करते हैं। और जो चीज आपके पास नहीं है वह आप कहां से और कैसे मैनेज करते हैं। कोई भी कार्य तीन चीजों पर निर्भर करता है और तीनो चीज़ आपके पास प्रचुर मात्रा में होनी चाहिए कार्य करने और करवाने की क्षमता, ज्ञान और धन इसमें जिन चीजों की आवश्यकता होगी हमारी संस्था आपके साथ मिलकर उसे पूरा कराएगी।                        

हमारे साथ किसी को जुड़ने या जोड़ने में कोई नुकसान नहीं है,  हो सकता है कोई व्यक्ति आप के कार्य में सहयोग नहीं  दे सकता हो,  परंतु वह एक अच्छा उपभोक्ता या सलाहकार हो सकता है।

आजकल हर एक व्यक्ति सोशल मीडिया (फेसबुक, टि्वटर, व्हाट्सएप, आदि) पर हजारों व्यक्तियों के साथ जुड़ा हुआ है। उनके साथ मिलकर (अपने ज्ञान और क्वालिटी का उपयोग कर) एक सशक्त वर्किंग कमेटी बनाएं  और एक या अनेक वर्किंग टीम बनाकर  स्वतंत्र रूप से,  हमारे साइट पर उपलब्ध सॉफ्टवेयर के सहयोग से या हमारे प्लेटफार्म का उपयोग करके, अपने कार्य को नवीनतम गति दें  (कार्य करें) और जो आय हो उसे अपने मेंबर्स (कार्य करने वालों में) बांट ले। 

इसलिए हम हर साइट उपयोगकर्ता से अपेक्षा करते हैं कि वे अपने साथ कम से कम 100 उपयोगकर्ता (मित्र) जोड़ें और अपने मित्रों सेभी ऐसा ही करने को कहें। इससे आसान काम कोई हो ही नहीं सकता। अतः आप सहज सरल और निर्मल भाव (मन) से इस कार्य में अपना सहयोग दें। इस तरह में पांचवें स्टेप पर अपने देश की पापुलेशन आ जाएगी, और खास बात यह है कि एक ग्रुप में सभी एक दूसरे को जानते होंगे ।

(आज हमारे साइट पर 5000 यूजर हैं, यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने मोबाइल के 100 -100 व्यक्तियों को जोड़ देता है जोड़ देता है तो यह संख्या 5,00,000 हो जाएगी, आप ने जोड़ा सिर्फ 100 व्यक्तियों को और अपनी पहचान बनाने के लिए. ऑनलाइन बिक्री के लिए, या अपने प्रोडक्ट के एडवर्टाइजमेंट के लिए  500000 उपभोक्ता मिल रहे हैं। अतः इस तरह से हमारे साइट पर उपलब्ध सॉफ्टवेयर्स का उपयोग कर अपने कार्य को नए रूप में गति दें। अतः हमारी साइट पर ही सबकी मुरादें पूरी हो सकती हैं। 

उदाहरण के लिए यदि आपने हमारे ट्विटर साइट पर कोई भी कोचिंग (IAS, UGC – NET, Gate,  IIT, AIEEE, AIIMS, MBBS) ऑनलाइन चलाना शुरु किया और 5,00,000 उपभोक्ताओं में से यदि 20,000 उपभोक्ता भी यदि आपकी कोचिंग में भाग लिए और प्रत्येक व्यक्ति से पंजीयन शुल्क  के रूप में यदि ₹100 भी अपने लिए तो खेल खेल में एक बहुत अच्छा अमाउंट हो जाएगा (उसे अपने वर्किंग ग्रुप में बांट लें)। इससे गांव का यदि कोई गरीब विद्यार्थी भी पढ़ने का इच्छुक होगा, तो एक तरफ से निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर पाएगा, इसमें सबका हित है। इस तरह हमारी सभी परियोजनाएं बिना पैसा लगाए या छोटे निवेश के साथ उच्च आय उत्पन्न करती हैं।

मेरी जानकारी में ऐसे अनगिनत लोग हैं, जो रिटायरमेंट के बाद अपने योग्यता, अपनी, अनुभव, पैसे, समय का उपयोग निशुल्क सामाजिक कार्यों में करना चाहते हैं परंतु उनको सही प्लेटफॉर्म नहीं मिलता। हमारा प्रयास उनको भी अपने साथ सम्मान पूर्वक ऑनलाइन जोड़ने का है।

हो सकता है आपको पैसे की आवश्यकता ना हो और इस कड़ी में शामिल होकर अपने अनुभव और ज्ञान का उपयोग करके, आपकी श्रंखला में बहुत से लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करने में आपका योगदान हो सकता है। 

यह कार्य और भी आसान तरीके से खेल -खेल में हो सकता है यदि आप हमारे द्वारा भेजे गए मैसेज को अपना यूज़र आईडी  या मोबाइल नंबर बदल कर सोशल मीडिया में अपने मित्रों को शेयर करते रहे, तथा उनके उपयोग की चीजों के बारे में समय-समय पर उनको बताते रहे। ऐसा करने से कुछ दिनों में आपके सारे मित्र आपके साथ साइट पर होंगे, और आप संस्था में उच्च स्थान प्राप्त प्राप्त कर सकते हैं। https://jjss.co.in/ramk   

इस तरह (आपके साथ) लगभग सेम प्रोफेशन (एक ही पेशा),  के अपने जानने वाले लोगों की लोगों की सशक्त टीम तैयार हो जाएगी।जिसमें सभी एक दूसरे को जानते होंगे , इस तरह आपके जानने वालों का आपसे भावात्मक संबंध होने कारण आपके कार्यक्षेत्र में (वर्किंग टीम या सपोर्टिंग टीम के रूप में )  निरंतर सहयोग मिलता रहेगा। (एक वर्किंग कमेटी बनाने में (अधिकांश लोग आपके क्षेत्र के) 1500 से 2000 लोग होंगे, इस तरह बिना पैसा लगाए, उत्पाद तैयार होने से पहले ही, बेचने और प्रचार प्रसार की एक सुदृढ़ व्यवस्था हो जाएगी) फिर उसमें से अपने कार्य के अनुरूप दो -चार लोगों को चयनित कर, एक वर्किंग टीम (वर्किंग कमेटी) बनाले  और फिर आगे कार्य करें । छोटे छोटे अलग-अलग उद्योगों के लिए भी सैकड़ों वर्किंग ग्रुप प्रत्येक जिले में जिले में स्थापित किए जा सकते हैं। कोई भी व्यक्ति उत्पादन एक वस्तु का करता है और उपभोग हजारों वस्तुओं के करता है। इस तरह अगर हमारे हमारे साइट उपयोगकर्ता सहयोग की भावना बना ले तो सबको प्रचुर मात्रा में उपभोक्ता मिल जाएंगे सब की दुकान चल जाएगी।

इस तरह से छोटे से लेकर बड़े से बड़े उद्योग बड़े ही आसानी से लगाए जा सकते हैं। प्रत्येक जिले में (जिला स्तर पर) उद्यमी विकास के लिए 200 उपयोगी और निम्न निवेश वस्तुओं का चयन किया है। प्रत्येक ग्रुप में उपभोक्ता 1500 X 200 ग्रुप = 3,00,000 (3 लाख उपभोक्ता 200 उपयोगी उपयोगी वस्तुओं का खपत करने में सक्षम है, ऑनलाइन मार्केटिंग होम डिलीवरी के सहयोग से ) बड़ी और व्यवहार्य परियोजनाओं के लिए हम चंदा इकट्ठा करेंगे और शेयरों फ्लोट करेंगे।

भारत सरकार की समस्त योजनाओं का लाभ उठाते हुए, हमारी संस्था (कार्य से संबंधित) सभी तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण सहायता, वित्तीय सहायता (हमारे संस्था को सहयोग के लिए राशि प्राप्त होगी वह वर्किंग कैपिटल के  रूप में काम आए आएगी , और आप के बनाए हुए टीम से जो सहयोग मिलेगा, वह आपके कार्य में प्लांट, मशीनरी, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में काम आएगा, जिसकी जितनी बड़ी टीम होगी उसको उतना ही ज्यादा लाभ मिलेगा) और विपणन सहायता (online marketing software) , प्रचार- प्रसार (साइट पर उपलब्ध यूजर्स द्वारा, Whats App, telegram द्वारा) प्रदान करने मैं सहयोग करेगा। हमारा यह  सहयोग वर्किंग कमेटी को हमेशा मिलता रहेगा।

आप स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करें,आपको मिली हुई सहयोग राशि या किसी तरह का ब्याज संस्था को वापस नहीं करना है, बल्कि तन, मन, धन, और ज्ञान से दूसरी वर्किंग कमेटी का बढ़-चढ़कर स्थापित कराने में सहयोग  करना है।

हमारे संस्था के पास सर्वप्रथम किसी वर्किंग कमिटी के रूप में यदि कोई (उत्पाद कार्य के लिए)आता है, हम सभी मिलकर उस कार्य को पूर्ण गुणवत्ता के साथ स्थापित करवाएंगे।

हम आपसे ( प्रत्येक वर्किंग कमेटी और साइट उपयोगकर्ताओं ) अपेक्षा रखते हैं, अपने उत्पाद को हमारे सहयोग से गुणवत्ता में उच्च स्थान प्राप्त कराएं (ब्रांडेड कंपनियों के समकक्ष) और भारत के हर जिले में  अगर कोई व्यक्ति वर्किंग कमेटी के रूप में कार्य करना चाहे तो उसका सहयोग करें, तथा उत्पादन से संबंधित यदि कोई नया डेवलपमेंट मशीनरी, टेक्नोलॉजी में होता है तो संबंधित सभी उपयोगकर्ताओं को सूचित करें, और उसे अपडेट कराएं, इस तरह एक बेरोजगार व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़ा करने में हमारे साथ आप भी मदद करें।

 प्रकृति का नियम है, की यदि आप सम्मान पाना चाहते हैं सम्मान देना पड़ेगा यदि सेवा चाहते हैं तो सेवा करना भी पड़ेगा आप दूसरों से सहयोग पाना चाहते हैं तो सहयोग देना भी पड़ेगा

परहित बस जिन्ह के मन माहीं। तिन्ह कहुँ जग दुर्लभ कछु नाहीं॥

छात्रों के लिए हमारी संस्था ज्वाइन करना बहुत ही उपयोगी है इसमें  (Open Education System, Educational Activity, Journal, Tutor, Collage Management System) आदि से उन्हें पढ़ाई (कंपटीशन, एग्जाम आदि में) में मदद मिलेगी, तथा अपने मित्रों को जोड़कर, उनको एक सही रास्ता दिखाएंगे तथा संस्था में एक अच्छा स्थान प्राप्त कर सकेंगे

पढ़ाई समाप्त हो जाने पर यदि मनपसंद  नौकरी लग जाती है, तो अपने ग्रुप में सपोर्टिंग टीम के रूप में अपने साथियों का सहयोग कर सकते हैं (ऑनलाइन कार्य कर सकते हैं) और यदि नहीं लगती है, लगकर छूट जाती है,  या आपको पसंद नहीं आती है तो अपने अनुभव के साथ वर्किंग टीम के रूप कार्य कर सकते हैं (अपने किसी प्रोजेक्ट पर या हमारे द्वारा दिए गए प्रोजेक्ट पर ) ।  दोनों ही स्थितियों में आपका और आपके मित्रों का हित सुनिश्चित है।

अपनी श्रंखला को अंतिम छोर तक इस तरह फैलाएं की ज्यादा से ज्यादा लोग वर्किंग टीम के रूप में आपके वर्किंग कमेटी में शामिल हो सकें। जैसे-जैसे आप की श्रृंखला में लोग बढ़ते जाएंगे आपको उनके साथ कार्य करने में आनंद आएगा, जैसे जैसे कार्य बढ़ेगा आपके अंदर आत्मविश्वास बढ़ेगा,  करने की क्षमता बढ़ेगा और कार्य को गति मिलेगी। इस तरह आपकी श्रंखला में कार्य करने वालों, आपका, तथा देश का भी हित निहित है।

(आप की श्रृंखला में यदि कोई कार्य हो रहा है, तो उसमें आपकी सहभागिता अवश्य होगी, जैसे-जैसे आप की श्रृंखला में लोग बढ़ते जाएंगे आपकी सहभागिता बढ़ती जाएगी)

Coming together is beginning, keeping together is progress and working together is a success.

कार्य समिति ’अपने विशेष क्षेत्र (कार्यक्षेत्र) में हमारे एनजीओ प्लेटफॉर्म की ओर से विभिन्न, छोटे / बड़े सरकार / निजी, गैर सरकारी संगठन परियोजनाओं आदि के लिए आवेदन करने का हकदार है।

(सरकार या  गैर सरकारी संगठन किसी एनजीओ को कार्य देने से पहले यह आश्वस्त होना चाहती है, कि कार्य उनके द्वारा संपूर्ण गुणवत्ता के साथ समय से पूरा होगा, इसके लिए वह वर्किंग ग्रुप और सपोर्ट इन ग्रुप वालों के नाम, आधार कार्ड, शिक्षा और अनुभव, फार्म भरते समय ही देना पड़ता है और फार्म भरने का समय इतना कम होता है कि सब से सबसे संपर्क करके भरना असंभव है। 

इस कार्यप्रणाली को और सहज, सरल और सहायक बनाने के लिए आप अपने सुझाव व्हाट्सएप/ टेलीग्राम    7007279909 नंबर email- [email protected] पर भेज सकते हैं ।  

 जितना ही बड़ा आपका ग्रुप होगा उतना ही बड़ा आपका कार्यक्षेत्र होगा और कार्य करने की क्षमता हो होगी,  उतनी ही ज्यादा आपकी आय होगी।

इस तरह से (बिना पैसा लगाए /खर्च किए आय बढ़ाने के) एक दो नहीं बल्कि छोटे-छोटे हजारों लाखों का काम जिला स्तर पर (समूह मैं एक दूसरे के सहयोग से) किए जा सकते हैं  https://jjss.co.in/jjss/4 । तरह से हमारे साइट पर उपलब्ध सॉफ्टवेयर्स का उपयोग कर अपने कार्य को नए रूप में गति दे सकते हैं ।

संस्था के इस कार्य को और अच्छा,  गुणवत्ता पूर्वक और प्रभावी बनाने के लिए अपना सहयोग और सुझाव भेज सकते हैं WhatsApp/call: 7007279909 

नई परियोजनाओं और अपडेट के लिए कृपया टेलीग्राम चैनल @jjsscoin  (Invite Link: t.me/jjsscoin) से जुड़ें ।